बेमौसम बारिश से किसानों के चेहरे पर खींची चिंता की लकीरें

बेमौसम बारिश से किसानों के चेहरे पर खींची चिंता की लकीरें


विप्र.
नवादा (रवीन्द्र नाथ भैया) जिले में बेमौसम बारिश से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है। लगातार 2 दिन हुई बारिश का जिले की खेती पर  बुरा प्रभाव पड़ा है। लगातार हुई बारिश से रबी की कुछ फसलों के लिए आफत आ पड़ी है। दलहन और तिलहन को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ी हुई है क्यूंकि इन फसलों पर फूल आ चूका था। बारिश के कारण इन फसलों का फूल झड़ गया है जिसको लेकर किसान चिंतित दिख रहे हैं। 

सबसे ज्यादा क्षति खेतों में पानी जम जाने के कारण सब्जी की फसल प्रभावित हुआ है। जिससे  सब्जियों के दाम बढ़ने का आसार दिख रहा है। जिसका खामीयाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा।

 यूं तो आम मंजर की अभी शुरुआत हुई है लेकिन फिर भी आम के पौधे में आ चुके मंजर को तापमान में अधिक गिरावट होने के कारण नुकसान हो सकता है। हालांकि इस बारिश ने गेहूं और मक्का की फसल को फायदा पहुंचाया है।जिसके कारण जिले के किसान मिश्रित प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं।

बता दें कि लगातार बारिश होने से मक्का एवं गेहूं के फसल की चिंता अब किसानों को नहीं रही। बारिश और बारिश के कारण होने वाले ठंड गेहूं के उपज के लिए अनुकूल होता है इसी तरह मक्का के लिए भी यह बारिश फायदेमंद है।

दलहन और तिलहन के झड़े फूल:- बारिश के कारण दलहन एवं तिलहन के फसलों को काफी नुकसान हुआ है इन फसलों में अभी फूल लगा ही था बारिश के कारण इन फसलों का फूल झड़ चुका है जिसके कारण इन फसलों के नुकसान होने के काफी असार है। पहले बारिश से फूलों का झड़ना फिर यदि बादल आच्छादित रहा तो सरसों की फसल पर लाही का लग जाना किसानों को बड़ी क्षति पहुंचाएगा। दलहन में चना,मसूर, मटर, खेसारी के साथ हीं तिलहन में सरसो, राय, तीसी आदि की फसल में नुकसान को लेकर किसान चिंतित दिख रहे हैं।

 सब्जी कि फसल पर भी पड़ेगा असर:-

बारिश से सब्जी की फसल पर भी असर पड़ा है। सब्जी के खेतों में पानी के जमाव के कारण  सब्जी के किसानों को सब्जी के फसल नुकसान होने का चिंता सता रहा है। जिसका असर यह होगा कि बाजार में एका - एक सब्जियों के दाम में वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही प्याज की फसल भी प्रभावित किया है। 

 आम के मंजर भी गिरकर जायेंगे सूख:-

- आम के फसलों में अभी मंजर आने का समय है। हालांकि अभी ज्यादातर आम के पौधों में मंजर नहीं आया है, लेकिन फिर भी 20 फीसदी आम के पौधों में मंजर आ चूका था। पिछले कुछ दिनों पूर्व अच्छा मौसम रहने के कारण किसानों को आम की फसलों से उम्मीदें बंधी  थी, लेकिन इस बारिश ने स्थिति को अब प्रतिकूल बना दिया है । पेड़ों में आए हुए मंजर झड़ चुका है। यदि बारिश के कारण तापमान नीचे आता है तो आम के पौधे में मंजर अच्छी तरह नहीं आ पाएगा जिसके कारण बेहतर उत्पादन की आस लगाए किसानों के हाथ खाली रह जाएंगे।

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