अदालत ने अनुसंधानकर्ता से मॉगा कारणपृच्छा, अदालत में उपस्थित रहने का दिया आदेश

अदालत ने अनुसंधानकर्ता से मॉगा कारणपृच्छा, अदालत में उपस्थित रहने का दिया आदेश


विप्र.
नवादा (रवीन्द्र नाथ भैया)

- अदालती आदेश का अनुपालन नहीं करने का आरोप

 पुलिस की लापरवाही के कारण इन दिनों अदालत को कड़े कदम उठाने के लिये विवश होना पड़ रहा हैं । रजौली थाना में पदास्थापित पुलिस पदाधिकारी अदालती आदेश का अनदेखा कर उक्त आदेश का अनुपालन  करने से कतराते हैं। फलतः अदालत को कारणपृच्छा अथवा वेतन रोकने का आदेश निर्गत करना पड़ता है। मामला रजौली थाना कांड संख्या-295/23 से जुडा़ है। 

बताया जाता है कि इस कांड के अभियुक्त के द्वारा अग्रीम जमानत का आवेदन अदलत में दाखिल किया गया है। जमानत आवेदन की सुनवाई के क्रम में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने कांड दैनिकी व आपराधिक इतिहास का अवलोकन करना उचित समझा। अपर लोक अभियोजक मो0 मिसवाह रसूल ने कांड दैनिकी की मॉग 13 दिसम्बर 23 से करते आ रहे हैं। किन्तु अनुसंधानकर्ता ने कांड दैनिकी व आपराधिक इतिहास अदालत में समर्पित नही किया तब न्यायाधीश ने अनुसंधानकर्ता से कारणपृच्छा की मॉग करते हुए यह स्पष्ट करने को कहा कि की क्यों नहीं उनके वेतन से 5 हजार रूप्ये जुर्माना के रूप् में काटने का आदेश दिया जाय तथा 23 जनवरी को कांड दैनिकी एवं आपराधिक इतिहास को लेकर स्वयं अदालत में उपस्थित रहने का आदेश निर्गत किया हेै। 

आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक को भेजा गया है।  

बता दें इसके पूर्व गुरुवार को रजौली के ही एक अनुसंधानकर्ता द्वारा डायरी उपलब्ध नहीं कराये जाने पर वेतन रोकने व विभागीय कार्रवाई का आदेश न्यायाधीश द्वारा दिया जा चुका है। इस प्रकार रजौली के ये दूसरे अनुसंधानकर्ता हैं जिनके विरुद्ध न्यायाधीश ने कठोर कदम उठाया जो पुलिस के कार्यशैली की पोल खोल रही है।

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